सावधान! बंद नहीं हुई गीता प्रेस, किसी को न दें चंदा

– गीता प्रेस ट्रस्टी का बयान-सुचारू रूप से काम कर रहा संस्थान
श्रीगंगानगर। पहले तो सोशल मीडिया पर गीता प्रेस गोरखपुर के बंद होने की अफवाह फैला दी और फिर मांगने लग गए चंदा। गीता प्रेस ने चंदा मांगने वालों से सावधान रहने की अपील जन साधारण से की है। गीता प्रेस के ट्रस्टी ईश्वर प्रसाद पटवारी ने ऐसी सूचनाओं को भ्रामक बताते हुए लोगों से किसी भी तरह से आर्थिक सहयोग न करने की अपील की है। पटवारी ने एक बयान में कहा कि गीता प्रेस में कोई आर्थिक संकट नहीं है। संस्थान सुचारू तरीके से कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में संस्थान के 20 विक्रय केंद्र कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त स्टेशन स्टालों की लंबी शृंखला भी है। इसी माह से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर एवं रायगढ़ स्टेशनों पर नए बुक स्टॉल खोले जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संस्थान बिना किसी आर्थिक बाधा के प्रगति कर रहा है। गीता प्रेस ने कभी भी आर्थिक सहायता नहीं मांगी है और न ही यह स्वीकार की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति गीता प्रेस के नाम पर धन संग्रह करता है तो वह ठगी कर रहा है। उन्होंने लोगों को सचेत किया कि लोग ठगों के चक्रव्यूह से बचें और गीता प्रेस के नाम पर किसी तरह की आर्थिक सहायता न दें। उल्लेखनीय है कि धार्मिक पुस्तकों का प्रकाशन करने वाली गीता प्रेस को लेकर कई बार इस तरह की अफवाह उड़ चुकी है कि कंपनी जल्द ही बंद होने वाली है। खासकर सोशल मीडिया पर तो इस बारे में लगातार अफवाहों का दौर चलता रहता है। इस बार भी गीता प्रेस के बंद होने की अफवाह ने सोशल मीडिया पर ही रफ्तार पकड़ी थी जिसके बाद इसके नाम पर चंदा उगाहने का खेल भी शुरू हो गया है। हालांकि जल्द ही यह खेल पकड़ में आ गया।