सीएम वीरभद्र ने किया खुलासा, इन दो सीटों से लड़ सकते हैं विस चुनाव

नई दिल्ली। चुनाव की कमान मिलने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ‘मिशन रिपीट, में जुट गए हैं। कांग्रेस प्रदेश संगठन से अब उनके कोई मतभेद नहीं हैं। बेटे विक्रमादित्य के लिए शिमला ग्रामीण सीट छोड़कर वह ठियोग या फिर अर्की का रुख कर सकते हैं। वीरभद्र सिंह पैराशूट से उतरने वाले नेता पुत्र-पुत्रियों को ‘परिवारवाद, मानते हैं। अपने दम पर राजनीति में आगे बढऩे वालों को उन्होंने इस दायरे से बाहर रखा है। प्रत्याशी चयन में करीबियों को टिकट से नवाजने का फॉर्मूला पार्टी में नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री का कहना है कि केवल ‘जिताऊ, प्रत्याशी ही टिकट पाएगा। राहुल गांधी के प्रदेश की कमान सौंपने के बाद वीरभद्र सिंह ने अमर उजाला के विशेष संवाददाता अरुणेश पठानिया से खुद की सीट और बेटे विक्रमादित्य की दावेदारी से लेकर आगामी चुनावों में चुनौतियों पर बातचीत की।