सीएम वीरभद्र बोले- मुझे हटाना तो दूर, मेरा पैर हिलाकर देखे भाजपा

शिमला। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि भाजपा मुझे हटाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, लेकिन हटाना तो दूर मेरा पैर भी नहीं हिला सकती। सीएम ने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार ओर जेटली जैसे लोगों ने मुझ पर राजनीतिक दबाव बनाने के मकसद से देश की जांच एजेंसियों को मेरे पीछे लगा रखा है लेकिन वह इन षडयंत्रों से झुकने वाले नहीं हैं। प्रदेश के ऊना जिले के मैहतपुर-बसदेहड़ा में जनसभा में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि भाजपा के लोग झूठे आरोप लगाकर मुझे पिछले काफी समय से तंग करने में लगे हुए हैं और किसी भी तरह से मुझे सत्ता से हटाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मैहतपुर में अपने भाषण की शुरूआत अपनी आत्मकथा से की और और संगठन से जुड़े रहकर किस प्रकार पार्टी को ऊपर उठाया इसकी विस्तार से चर्चा की। सीएम ने कहा कि जब वे संगठन से जुड़े थे तब अध्यक्ष मनोनीत नहीं होता था। चुनाव जीतकर अध्यक्ष चुना जाता था। संगठन में वही जीत पाता है, जो जनता से जुड़ा होता है। सीएम ने भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती पर तंज कसते हुए कहा कि सत्ती युवा नेता हैं एक पार्टी के अध्यक्ष हैं। लेकिन उनमें सभ्यता और राजनीतिक शिष्टाचार नहीं है। जिनके बड़े नेता ऐसे हों उनकी मंडली में इसी तरह के लोग फिट हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में नहीं आना चाहते थे, बल्कि दिल्ली विवि में प्रोफेसर बनना चाहते थे। लेकिन नेहरू, शास्त्री और इंदिरा के आग्रह पर उन्होंने सियासत का रास्ता चुना। सीएम ने कहा कि 55 साल की राजनीति के बाद भी मौका मिला तो बिना पद के भी जनता की सेवा करने के लिए तैयार हूं। वह किसी का बुरा नहीं चाहते। जिन लोगों ने मेरे साथ बुरा किया ईश्वर उन्हें माफ करे। इस मौके पर सीएम के साथ उद्योग मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री, वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष कुलदीप कुमार, जिलाध्यक्ष वीरेंद्र धर्माणी, पीसीसी सदस्य सतपाल रायजादा मौजूद रहे।