सुर्य मुद्रा से 15 दिन में घटेगा वजन, पेट की बीमारियां हो जाएंगी छूमंतर!

सूर्य मुद्रा को लोग अग्नि मुद्रा के नाम से भी जानते हैं। मोटापा व डायबिटीज आदि समस्याओं से पीडि़त लोगों के लिए इस मुद्रा का अभ्यास बेहद फायदेमंद होता है। चलिए जानते है कैसे करें सूर्य मुद्रा और क्या हैं इसके फायदे।
सूर्य मुद्रा और इसके फायदे
– हमारे जीवन में योग का बेहद महत्व है और योग में सूर्य मुद्रा का बहुत महत्व है। मुद्राएं करने से शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक लाभ होते हैं। ऐसी ही एक लाभदायक मुद्रा है सूर्य मुद्रा। सूर्य मुद्रा को लोग अग्नि मुद्रा भी पुकारते हैं। मोटापा व डायबिटीज आदि समस्याओं से पीडि़त लोगों के लिए इस मुद्रा का अभ्यास बेहद फायदेमंद होता है।
सूर्य मुद्रा करने की विधि
– सूर्य मुद्रा करने के लिए सिद्धासन, पदमासन या सुखासन में बैठ जाएं। इसके बाद अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रख लें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें। अब पहले अनामिका उंगली (अनामिका उंगली आपकी रिंग फिंगर को कहा जाता है) को मोड़कर अंगूठे की जड़ में छुलाएं और अंगूठे से इसे दबा लें। ऐसे में आपकी बाकी बची हुई तीनों उंगलियों को बिल्कुल सीधी रखें। इस प्रकार बनने वाली मुद्रा को अग्नि या सूर्य मुद्रा कहा जाता है।
सूर्य मुद्रा को करने के लाभ
– दिन में दो बार 15 मिनट के लिए सूर्य मुद्रा का अभ्यास करने से कोलेस्ट्राल का स्तर कम होता है।
– शरीर में सूजन होने पर भी सूर्य मुद्रा करने से यह दूर होती है।
– सूर्य मुद्रा का नियमित अभ्यास करने से शरीर में बल पैदा होता है और पेट के रोग दूर होते हैं।
– साथ ही इसके अभ्यास से मानसिक तनाव दूर होता है और भय, शोक आदि दूर होते हैं।
वजऩ कम करें
– सूर्य मुद्रा करने से वजन भी कम होता है। मोटापे से पीडि़त लोगों को अपना अतिरिक्त वजन कम करने के लिए भी इस मुद्रा का अभ्यास करना चाहिए। खासतौर पर प्रसव के बाद जिन महिलाओं में मोटापा बढ़ जाता है उनके लिए सूर्य मुद्रा बहुद फायदेमंद होती है। क्योंकि इस मुद्रा के अभ्यास से पाचन प्रणाली बेहतर बनती है।
कब न करें सूर्य मुद्रा
– एसिडिटी और अम्लपित्त की समस्या होने पर यह मुद्रा ना करें।
– शरीर बहुत ज्यादा कमजोर हो तो भी आपको सूर्य मुद्रा नहीं करनी चाहिए।
– सूर्य मुद्रा करने से शरीर का ताप बढ़ता है इसलिए गर्मियों में इस मुद्रा करने से पहले थोड़ा पानी पी लेना चाहिए।
– आमतौर पर योगाभ्यास खाली पेट किया जाता है, लेकिन सूर्य मुद्रा को आप कुछ खाने के बाद 10 मिनट के अंतराल पर भी कर सकते हैं।