सोंठ

सोंठ अदरक का ही सूखा हुआ रूप होता है। इसके पाउडर को सोंठ नाम से जाना जाता है। अदरक के जिन टुकड़ों का प्रयोग मसाले के तौर पर किया जाता है वह वास्तव में अदरक की जड़ है। ज़मीन के नीचे से अदरक को उखाड़कर अच्छी तरह साफ किया जाता है तब इसे मसाले के तौर पर प्रयोग में लाया जाता है।
सौंठ के अन्य नाम
सोंठ को तमिल में सुक्कू। चुक्कू मलयालम में कहते हैं। कन्नड़ में शुंति , मराठी में सुंथा और गुजराती में सूंठ कहते हैं।
सोंठ का उपयोग
सोंठ का प्रयोग खाने की चीजों का ज़ायका बढ़ाने के लिए किया जाता है। सोंठ में एक प्रकार की खुशबू भी होती है जो खाने में मिलकर अपनी सुगंध से खाने की इच्छा जागृत करती है।
सोंठ के लड्डू एक पारम्परिक रेसीपी है जो मिठाई कम बल्कि औषधीय रूप में अधिक प्रयोग किये जाते हैं। इसका प्रयोग प्रसव के बाद जच्चा को खिलाने के लिये किया जाता है। सोंठ जच्चा के शरीर के दर्द को कम करता है। साथ ही इसका उपयोग सर्दियों में होने वाले कमर या जोड़ों के दर्द की दवा के रूप में किया जाता है। सर्दी में आप घर के बुजुर्गों को सोंठ के लड्डू बनाकर खिलाइये उनके लिए ये लड्डू रोगों से बचाव का काम करेंगे।
सोंठ का प्रयोग किन-किन रूपों में: सोंठ का प्रयोग विभिन्न तरीकों से किया जा सकता है। मसाले के तौर पर जब सोंठ का इस्तेमाल किया जाता है तब इसके ताजे रूप यानी कि अदरक को कुचलकर अथवा कद्दूकस करके लोग प्रयोग में लाते हैं। सौंठ पाउडर भी इन दिनों बाज़ार में मिलता है जिनका प्रयोग आप अपने भोजन को स्वादिष्ट बनाने के लिए कर सकते हैं।
सोंठ स्वास्थ्य के लिए: सोंठ का जिक्र आयुर्वेद में भी मिलता है। यह उष्ण प्रकृति का होने के कारण कफ एवं सर्दी, जुकाम के लिए काफी लाभप्रद होता है। गले में खराश होने पर सोंठ का सेवन गले को आराम दिलाता है। सौंठ के सेवन से शरीर में ताजगी, स्फूर्ति बनी रहती है।
मौसम अनुरूप सोंठ का सेवन: इसकी तासीर गर्म होती है इसलिए सर्दी के मौसम में इसका प्रयोग आमतौर पर लोग अधिक करते हैं। सर्दी के मौसम में सोंठ मिली हुई चाय पीने से शरीर में गरमाहट आती है। सर्दी के मौसम में इसका सेवन स्वास्थ्य की दृष्टि से भी काफी लाभप्रद होता है। गर्मी के दिनों में भी जरूरत के अनुसार खाने में इसका प्रयोग किया जा सकता है। गर्मी के मौसम में सोंठ का प्रयोग अधिक मात्रा में करना सेहत के लिए नुकसानदेय हो सकता है।