हजारों किसानों ने कलक्ट्रेट पर डाला महापड़ाव

– केन्द्र व राज्य सरकार को कौसा- कहा मांगे नहीं मानी तो यहीं डटे रहेंगे
श्रीगंगानगर। सरसों, चना, जौ की ऑफलाइन खरीद शुरू करने, गेहूं पर 265 रुपये बोनस देने, प्रेशर रिलीज वॉल्व बंद करने और समर्थन मूल्य पर खरीद करने की मांग को लेकर किसान संगठनों के आह्वान पर आज कलक्ट्रेट पर हजारों किसानों ने महापड़ाव डाल दिया। सुबह से ही यहां किसान जुटने शुरू हो गये और दोपहर तक इनकी उपस्थिति अच्छी-खासी हो गई। महाराजा गंगासिंह चौक के सामने किसानों ने पड़ाव स्थल पर सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। उपस्थित नेताओं ने राज्य व केन्द्र सरकार को जमकर कौसा। उन्होंने कहा कि यदि मांगे नहीं मानीं, तो वे यहीं डटे रहेंगे। इस बार आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
इस मौके पर अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय कौंसिल सदस्य श्योपतराम मेघवाल, जिलाध्यक्ष कालू थोरी, गंगानगर किसान समिति के संयोजक रणजीत सिंह राजू, प्रवक्ता संतवीर सिंह मोहनपुरा, ग्लैक्सी बराड़, किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुभाष सहगल, साधुवाली से किसान नेता अमरसिंह बिश्रोई, विजय रेवाड़, मनिन्द्र मान, पूर्व विधायक का. हेतराम बेनीवाल आदि नेताओं ने कहा कि 12 व 17 मार्च को जिलेभर की धानमण्डियां बंद रखी गईं। किसानों ने सरकार के खिलाफ विरोध जताया, लेकिन सरकार ने किसानों की एक ना सुनी। केन्द्र सरकार किसानों की हितैषी नहीं है। जब मध्यप्रदेश सरकार किसानों केा गेहूं पर 265 रुपये बोनस दे सकती है, तो राजस्थान सरकार क्यों नहीं दे रही। इस सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने कहा कि सरसों, चने, जौ की ऑफलाइन खरीद शुरू की जाये। इसके अलावा यदि इस बार समर्थन मूल्य से नीचे कृषि जिन्सें बिकीं, तो किसान ईंट से ईंट बजा देगा। उन्होंने उपस्थित किसानों से भी आह्वान किया कि वे समर्थन मूल्य से नीचे अपनी कृषि जिन्सें न बेचें।