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हनीप्रीत से संबंधों पर मुंह खोलने वालों पर पूर्व साधु हंसराज का बड़ा खुलासा

सिरसा। डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह के एक पूर्व साधू हंसराज चौहान ने शुक्रवार को खुलासा किया कि उसके हनीप्रीत से संबंध थे। हनीप्रीत अकसर उसके साथ ही जाती थी व दोनों के तंबू एक-दूसरे के नजदीक ही रहते थे। साधू ने आरोप लगाया कि इस बात की सुगबुगाहट डेरा प्रेमियों में रहती थी, लेकिन गुरमीत इसकी परवाह नहीं करता था। अगर कोई मुंह खोले तो गुरमीत मरवाकर 4 नम्बर मोटर के पास सुबह 4 बजे से पहले अंतिम संस्कार करवा देता था। इसके अलावा डेरा प्रमुख पर आरोप लगाया कि भगवान की सीधी प्राप्ति व भक्तिमार्ग में मन लगने का झांसा देकर नपुंसक बना देता था। हंसराज ने दावा किया कि राम रहीम के कहने पर उसे भी नपुंसक बनाया गया था। इसके बाद उसने डेरा छोड़ दिया। इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में 25 अक्तूबर को होनी है। उसकी इच्छा का विरोध करने वाली युवतियां डेरा व छात्रावासों से लापता हैं। तलाशी के दौरान नर कंकाल न निकाल पाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि 200 एकड़ में बने डेरा को 2 दिन में कैसे खंगाला जा सकता है। इसके लिए वे एक बार फिर हाईकोर्ट जाएंगे। हनीप्रीत की विश्वास गुप्ता से शादी का खेल भी डेरा प्रमुख ने रचा। डेरा प्रमुख पिं्रयका उर्फ हनीप्रीत की शादी के समय दूल्हे विश्वास के साथ सज धजकर घोड़ा बग्गी में बैठ गया। अर्से के बाद डेरा प्रमुख की पुत्रवधू हुस्नप्रीत ने विरोध किया और वह अपने मायके भठिंडा जा बैठी। 1990 में डेरे की कमान हाथ में आने के बाद गुरमीत साधुओं व साध्वियों की पहचान छिपानी शुरू की, उनको नए नाम दिए। उनके शरीर के आधार पर फल, फ्रूट व सब्जियों के नाम दिए जाने लगे। कई साध्वियों के नाम गुरकैट, गुरफ्लावर रखे गए तो अपने दामाद के नाम भी बदल दिए। मसलन डेरा प्रमुख ने अपने ‘कानूनÓ में हर किसी को ही ढाला।