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हमें मोटा बना रहे हैं भारतीय आहार

भारत विविधताओं से भरा देश है। यह विविधता हमें अपने खानपान में भी देखने को मिलती है। शायद यही वजह है कि समूचे विश्व में भारत के तीखे और चटपटे, जायकेदार आहार प्रसिद्ध हो चुके हैं। लेकिन शायद आप इस तथ्य से अनभिज्ञ हैं कि हमारे जायकेदार खानपान हमें बदले स्वस्थवर्धक जीवन नहीं दे रहा। इसके उलट इनकी बदौलत मोटापा, डायबिटीज, और हाइपर्टेंसिव पॉपूलेशन मिल रही है। लेकिन आमतौर पर इसके लिए लोग अपनी बदलती जीवनशैली को ही दोष देते हैं। जबकि जीवनशैली के साथ-साथ हमारा खानपान भी इसके लिए कम जिम्मेदार नहीं है।
प्रोटीन की कमी
हम ज्यादातर अपने बढ़ते मोटापे के लिए कार्बोहाइड्रेट को जिम्मेदार मानने लगते हैं। नतीजतन अपने खानपान से ऐसी जरूरतमंद चीजों की कटौती कर बैठते हैं, जिसकी कमी से हम अस्वस्थ हो सकत हैं। प्रोटीन ऐसा ही एक तत्व है। आमतौर पर एक भारतीय लंच और डिनर में रोटी, चावल, दाल और आलू की कोई सब्जी होगी। इसके जरिए हमें रोजाना 130 से 140 ग्राम कार्बोहाइड्रेट मिल जाता है, 10-15 ग्राम प्रोटीन और एक अनुमान के मुताबिक 15 से 20 ग्राम वसा। कुछ लोगों को खाने के बाद मीठा खाने का शौक रखते हैं। ऐसे लोग मीठे के नाम पर कार्बोहाइड्रेट का ही सेवन ज्यादा मात्रा में कर बैठते हैं।
ओवररेटिंग कार्बोहाइड्रेट
कार्बोहाइड्रेट चाहे किसी भी रूप में हो, जब हम उन्हें कंज्यूम करते हैं, तो यह हमारे रक्त शर्करा के स्तर को प्रभावित करता है, जिससे अग्न्याशय को इंसुलिन को छिपाने के लिए संकेत मिलते है। इंसुलिन असल में एक हार्मोन कैरियर की तरह काम करता है जो रक्त शर्करा एकत्र करता है और उसे कोशिकाओं में ले जाता है। अगर आप ज्यादा मात्रा में कार्बोहाइड्रेट ले लेते हैं तो इससे आपका शरीर प्रभावित हो सकता है।
असली वजह
चूंकि हमारे खानपान में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे हमारे शरीर में शुगर का स्तर बढ़ जाता है। इतना ही नहीं इंसुलिन भी निरंतर बढ़ता रहता है। ऐसे खानपान से डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां बढऩे लगती हैं। इसलिए अपने खानपान में फेरबदल की अति आवश्यकता है।
समाधान
जाहिर है कि हम अपनी जीवनशैली और खानपान को पूरी तरह बदल नहीं सकते। लेकिन अपने कुछ छोटे-छोटे कदम उठाकर खुद को हेल्दी जरूर रख सकते हैं। इसके लिए आपको चाहिए कि हर तरह के कार्बोहाइड्रेट खाने के बजाय, इसकी मात्रा में कुछ कमी करें। कार्बोहाइड्रेट युक्त हैवी मील्स न लें। अपने खानपान में डेजर्ट भी ज्यादा शामिल न करें। प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं। मतलब यह कि अपने शरीर में हर जरूरी तत्व शामिल करें जो आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रख सकता है।