15 साल की उम्र में किया कमाल, बनाया सोशल सर्च इंजन

नई दिल्ली। अभिक को पहला स्मार्टफोन 13 साल की उम्र में मिला था। अभिक जब अपने क्लियर 7 नाम के एंटीवायरस को स्कूल लैब में टेस्ट कर रहे थे तो 19 कम्प्यूटर एक साथ कळैश हो गए। फिर स्कूल के स्टाफ और दोस्तों ने अभिक बहुत मजाक उड़ाया। लेकिन चौथी बार में उन्होंने एंटीवायरस का सफल परीक्षण किया। इसी सोच के साथ ऑरिगन की शुुरुआत हुई। ऑरिगन, दुनिया के पहले सोशल सर्च इंजन के रूप में खड़ा हुआ है, जो सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के विशुद्ध स्वरूप को शामिल करने के बजाए दुनिया भर के लोगों के सुझाए हुए शीर्ष परिणामों को प्रदर्शित करता है। पश्चिम बंगाल के चालसा में रहने वाले 15 वर्षीय अभिक साहा ने हाल ही में दसवीं की बोर्ड परीक्षा पास की है। सिर्फ ऑरिगन नहीं अभिक ने इसके अलावा 8 मोबाइल एप्स भी तैयार किए हैं, जो वेबसाइट के निर्माण से लेकर कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और लैंग्वेज के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण सेवाएं प्रदान करते हैं। अभिक का ध्यान इस ओर तब गया जब वह एक दिन स्कूल में वेब डिजाइनिंग के सिद्धांतों की पढ़ाई कर रहे थे। हालांकि इसकी शुरुआत मुश्किल रही। विषय में रुचि होने के बावजूद अभिक साहा कम्प्यूूटर साइंस के यूनिट टेस्ट में फेल हो गए थे। शुरुआत में लॉजिकल रीजनिंग के साथ संघर्ष होने के बाद भी युवा मन में प्रोग्रामिंग, दृढ़ संकल्प और सीखने की इच्छाशक्ति ने अभिक को आगे बढ़ाया।