3 महीने में सामने आएगा पूर्व सीएम जयललिता की मौत का राज

चेन्नई। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मौत के बाद से ही उनके समर्थक इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। इसी सिलसिले में बना न्यायिक जांच आयोग तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप देगा। राज्य सरकार ने सोमवार को ही न्यायिक आयोग के गठन की घोषणा की थी। आयोग पिछले साल जयललिता को अस्पताल में भर्ती करने के कारणों और परिस्थितियों के साथ-साथ उनके इलाज को लेकर जांच करेगा। आयोग 22 सितंबर 2016 को जयललिता के अस्पताल में भर्ती होने और पांच दिसंबर 2016 को उनकी मृत्यु के बीच की स्थितियों की जांच करेगा। इस बीच तमिलनाडु के मंत्री ओएस मणियन ने बुधवार को कहा कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सी. विजयभास्कर और अपोलो अस्पताल के चेयरमैन प्रताप सी. रेड्डी ने हमें जयललिता के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी थी। पूर्व मुख्यमंत्री से अस्पताल में मुलाकात को लेकर कुछ मंत्रियों के विरोधाभासी दावे के बीच मणियन का बयान आया है। वन मंत्री डीसी श्रीनिवासन और वाणिज्य कर मंत्री केसी वीरमणि ने हाल में कहा था कि अस्पताल में जयललिता से किसी को मिलने की इजाजत नहीं थी। जबकि एक अन्य मंत्री सेल्लूर के. राजू ने मंगलवार को उनके दावे को खारिज किया था। जयललिता की मौत के बाद उपजे विवाद के बीच इसी सोमवार को तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज ए अरुमुघास्वामी को जे जयललिता की मौत की जांच सौंपी है।