– आबकारी विभाग उच्चतम न्यायालय के आदेश की पालना की कवायद में जुटा श्रीगंगानगर। आबकारी विभाग उच्चतम न्यायालय के आदेश की पालना कराने की कवायद में जुट गया है। उच्चतम न्यायालय ने बीते वर्ष 15 दिसम्बर को एक आदेश में नेशनल और स्टेट हाईवे के पांच सौ मीटर के दायरे में आने वाले शराब के ..." />
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नेशनल और स्टेट हाईवेेे से हटेंगे 70 ठेके

– आबकारी विभाग उच्चतम न्यायालय के आदेश की पालना की कवायद में जुटा
श्रीगंगानगर। आबकारी विभाग उच्चतम न्यायालय के आदेश की पालना कराने की कवायद में जुट गया है। उच्चतम न्यायालय ने बीते वर्ष 15 दिसम्बर को एक आदेश में नेशनल और स्टेट हाईवे के पांच सौ मीटर के दायरे में आने वाले शराब के ठेके बंद करने का आदेश दिया। इस आदेश के दायरे में श्रीगंगानगर जिले की शराब के करीब सत्तर ठेके आ रहे हैं। इन्हें 31 मार्च 2017 से बंद कर दिया जाएगा।
पिछले एक साल मेंं यह दूसरा मौका होगा, जब हाईवे किनारे के ठेके बंद किए जाएंगे। इससे पहले करीब एक साल पूर्व राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर नेशनल और स्टेट हाईवे के पचास मीटर के दायरे मेंं आने वाले सभी ठेकों को मौजूदा स्थान से हटा कर पीछे करवा दिया गया था। अब सभी ठेकों को पांच सौ मीटर दूर किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार पूरे राज्य में नेशनल और स्टेट हाईवे के पांच सौ मीटर के दायरे में शराब के करीब अठ्ठाईस सौ ठेके आ रहे हैं। इनमेें श्रीगंगानगर जिले के करीब सत्तर ठेके शामिल हैं। आबकारी विभाग अब इन शराब ठेकों के लाइसेंस का नवीनीकरण 31 मार्च 2017 के बाद नहीं करेगा।
आबकारी विभाग को घाटे का अंदेशा: सूत्रों के अनुसार आबकारी विभाग के स्तर पर नेशनल और स्टेट हाईवे के पांच सौ मीटर के दायरे में आने वाले शराब के ठेकों को चिन्हित करने काम चल रहा है। ऐसे करीब सत्तर ठेके चिन्हित कि जा चुके हैं। आबकारी विभाग इन ठेकों की नीलामी निर्धारित दायरे से बाहर करने के बाद ही करेगा। इस कवायद में आबकारी विभाग को राजस्व घाटा होने का अंदेशा है। सूत्रों का कहना है कि अभी तक इन शराब की दुकानों के ठेके उनके नेशनल और स्टेट हाईवे पर स्थित  होने के कारण ही भारी-भरकम राशि में छूट रहे थे। हाईवे से दूर किए जाने के बाद संभव है ये ठेके कम रेट पर छूटें या फिर छूटें ही नहीं।
इनका कहना है: सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अक्षरश: पालना की जाएगी। हमने नेशनल और स्टेट हाईवे के पांच सौ मीटर के दायरे में आने वाले ठेके चिन्हित कर लिए हैं। -अशोक असीजा, जिला आबकारी अधिकारी, श्रीगंगानगर।

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