यदि जातक की जन्म कुंडली में बहन, बेटी ऋण दोष है तो इसका कारण उस जातक द्वारा अथवा सहभागिता से बहन अथवा बेटी की हत्या करना अथवा बहन, बेटी पर अत्याचार करना अथवा उनका घोर उत्पीडऩ करना मूल कारण होता है। जन्म कुण्डली के तृतीय अथवा षष्टम भाव में चन्द्रमा ग्रह के स्थित होने से ..." />
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इस दोष से कंगाल होने लगता है आदमी

यदि जातक की जन्म कुंडली में बहन, बेटी ऋण दोष है तो इसका कारण उस जातक द्वारा अथवा सहभागिता से बहन अथवा बेटी की हत्या करना अथवा बहन, बेटी पर अत्याचार करना अथवा उनका घोर उत्पीडऩ करना मूल कारण होता है। जन्म कुण्डली के तृतीय अथवा षष्टम भाव में चन्द्रमा ग्रह के स्थित होने से बहन, बेटी ऋण का योग बनाता है।
चन्द्रमा ग्रह के तृतीय अथवा षष्टम भाव में स्थित होने से बुध ग्रह पीडि़त हो जाता है। जिस व्यक्ति की जन्म कुण्डली में बहन, बेटी ऋण दोष होता है उसकी बहन या बेटी के विवाह अथवा जन्म के समय अचानक घटनाएं होनी शुरू हो जाती हैं। जातक के पास अकूत धन, संपत्ति होते हुए नष्ट हो जाती है। व्यक्ति परेशान रहता है। उसका स्वास्थ्य खराब होने लगता है। उसके दांत असमय गिरने लगते हैं। लाल किताब के हिसाब से ऐसे व्यक्ति परिवार के सभी सदस्यों से बराबर मात्रा में पीले रंग की कौड़ी एकत्र करे और उन्हें जला दे। दांतों को साफ रखें। नाक छेदन करवाने से भी लाभ मिलता है।

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