– नई धानमंडी पहुंचकर जताया बोली कराने वाली फर्म के खिलाफ रोष श्रीगंगानगर। नई धानमंडी में सोमवार को कृषि जिंसों की बोली कराने की बात पर किसान बिफर गए। बोली कराने की बात पर किसानों की व्यापारी से तनातनी हो गई। तनातनी की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी भी जमा हो ..." />

बोली कराने पर बिफरे किसान, समझाइश से माने

– नई धानमंडी पहुंचकर जताया बोली कराने वाली फर्म के खिलाफ रोष
श्रीगंगानगर। नई धानमंडी में सोमवार को कृषि जिंसों की बोली कराने की बात पर किसान बिफर गए। बोली कराने की बात पर किसानों की व्यापारी से तनातनी हो गई। तनातनी की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी भी जमा हो गए। हालांकि बाद में व्यापारिक प्रतिनिधियों की समझाइश से दोनों पक्ष शांत हो गए।
किसान संंगठनों की ओर से पूर्व घोषित बोली बंद आह्वान के तहत सोमवार सुबह गुरुद्वारा सिंह सभा में किसान एकत्रित हुए थे। यहां से जिला कलक्टर को ज्ञापन देना प्रस्तावित था, लेकिन इस बीच नई धानमंडी में एक फर्म पर कृषि जिंसों की बोली होने की सूचना पर किसान मौके पर पहुंचे। इनके साथ पहुंचे कांग्रेसी नेता ललित बहल ने बताया कि दुकान नंबर 212 (मैसर्स रामनिवास-मुसद्दीलाल) पर सरसों ढेरी की बोली हो रही थी। किसानों ने बोली कराए जाने पर रोष जताते हुए कहा कि जब पूर्व में ही बोली बंद का आह्वान किया जा चुका है तो फिर इस दुकान पर बोली क्यों करवाई जा रही है? इसको लेकर किसान प्रतिनिधियों ने फर्म संचालकों के प्रति गुस्सा भी प्रदर्शित किया। इस पर फर्म की ओर से कहा गया कि उनके पास बोली बंद की सूचना नहीं थी। इस पर पूर्व सरपंच संतवीर चहल, राजू, पृथीपालसिंह संधू, ललित बहल सहित अन्य ने यह कहकर आपत्ति जताई कि दी गंगानगर टे्रडर्स एसोसिएशन और कच्चा आढ़तिया संघ की ओर से सहमति मिलने के बाद ही सोमवार को बोली बंद का आह्वान किया गया था। अब व्यापारी ही इसकी जानकारी नहीं होने से कैसे इनकार कर रहे हैं? इस बीच, बोली बंद संबंधी सूचना की पुष्टि करते हुए मंडी मजदूर और तोला यूनियन भी किसानों की बात का समर्थन किया। तनातनी की जानकारी मिलने पर टे्रडर्स एसोसिएशन अध्यक्ष रमेश खदरिया सहित अन्य व्यापारी मौके पर पहुंचे और बोली बंद की सूचना सब व्यापारियों तक भिजवाने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि मंडी के सभी व्यापारियों तक सोमवार को बोली नहीं होने की जानकारी एसोसिएशन कार्यालय की ओर से भिजवाई गई है। फिर भी किसी दुकान पर किसान माल ले आता है तो इसे मुद्दा बनाने से बेहतर है कि बोली आज की बजाय आगामी कार्यदिवस में करवा ली जाए। इस बाबत उन्होंने कृषि उपज मंडी समिति से भी आग्रह किया। इस पर मंडी परिसर में रखी कृषि जिंसों की ढेरियों को तिरपालों से ढकने और समझाइश करने पर दोनों पक्ष मान गए।
जिलेभर मेंं रहा असर
इस दौरान सोमवार को तकरीबन जिले की सभी धानमंडियों मेें कृषि जिंसों की बोली नहीं हुई। समर्थन मूल्य पर सरसों, जौ और चना खरीद की मांग को लेकर किसान संगठनों की ओर से 21 मार्च को बोली बंद का आहवान किया गया था।
जिला मुख्यालय की नई धानमंडी सहित अनूपगढ़, जैतसर, सादुलशहर सहित अन्य मंडियों में भी आज बोली नहीं होने की जानकारी है। खरीद की मांग को लेकर किसान संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपे।

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