Movie Review : ‘सिमरन’

बॉलीवुड एक्ट्रैस कंगना राणावत की फिल्म ‘सिमरन’ आज सिनेमाघरों में आ गई है। इस फिल्म को हंसल मेहता ने डायरैक्ट किया है। इस फिल्म के टीजर और टेलर ने लोगों के मन में काफी जिज्ञासा पैदा कर दी थी। इस फिल्म से उम्मदी है कि यह क्वीन वाला जादू दोबारा बिखेरने में कामयाब रहेगी। अपूर्व असरानी और कंगना ने कहानी को काफी साधारण रखा है। कहानी की बात करें तो फिल्म में एक्ट्रैस ने सिमरन नाम की एनआरआई गुजराती लड़की का किरदार निभाया है। अपनी मासूमियत और साधारणपन की वजह से उन्होंने फैंस के इस फिल्म के लिए काफी बेसब्र किया हुआ है। सिमरन एक ऐसी लड़की है जो समाज के किसी बंधनों को नहीं मानती है और स्वतंत्र होकर जीती है। वो समाज के बंधनों से आजादी चाहती है। सिमरन तलाकशुदा होने के बावजूद भी ब्वॉयफ्रैंड के साथ डेट पर जाती हैं। इसके अलावा उन्हें एक बुरी लत है। ये लत है चोरी और जुएं की लत है जिसके बिना वो जी नहीं सकती। अपनी चोरी और जुएं की तल की वजह से एक्ट्रैस को पुलिस पकड़ लेती है लेकिन वो उनके साथ मार-पीट करके भाग जाती है। क्या सिमरन को अपने टाइप का लड़का मिल जाएगा जो उन्हें इन बुरी आदतों से बाहर निकाल लेगा? या फिर वो हवालात में जिंदगी गुजारेगी? ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी। बता दें कि फिल्म की कहानी को थोड़ा और कसा जा सकता था। लेखक ने प्रफुल पटेल की परेसनैलिटी पर ज्यादा काम नहीं किया है। फिल्म में एक्ट्रैस गाली देते हुए नजर आती है जिसकी वजह से सेंसर बोर्ड ने इसपर 10 छोटे कट लगाकर इसे पास कर दिया था। फिल्म की पूरी कहानी का भार एक्ट्रैस के कंधों पर है। फिल्म में सोहम शाह सिमरन के ब्वॉयफ्रैंड के तौर पर दिखाए गए हैं। उन्हें सिमरन अका प्रफुल के अतीत से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन जब उन्हें चोरी के बारे में पता चलता है तो वो उसका साथ छोड़कर चले जाते हैं।