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Movie Review : हनुमान द दमदार

छोटे-छोटे कीड़ों से डरने वाला मारुति यानी हनुमान एक दिन इतना बहादुर बन जाता है कि वह लंका को अपने हाथों से खिसका कर भारत से अलग कर देता है! सलमान खान, जावेद अख्तर और सौरभ शुक्ला जैसे दिग्गज कलाकारों की दमदार आवाज वाली फिल्म ‘हनुमान द दमदार’ बच्चों को काफी पसंद आएगी।
जरा सोचिए! इंद्रदेव अपनी जॉब से बोर हो चुके हैं। हालांकि उन्हें यह भी चिंता है कि इस साल न जाने उनका अप्रेजल कैसा होगा। तभी उनके बॉस विष्णु आकर उन्हें ध्यान से काम करने की नसीहत देते हैं ताकि उनका प्रमोशन न रुके। रुचि नारायण निर्देशित फिल्म ‘हनुमान द दमदार’ में कुछ इसी तरह के अंदाज में पौराणिक किरदारों को आधुनिक ट्विस्ट दे दिया गया है। महाबली हनुमान(1981), हनुमान (2005) और रिटर्न ऑफ हनुमान (2007) जैसी फिल्मों के बाद 2017 की इस फिल्म में हनुमान की कहानी एक दफा और सुनाई गई है और ऐसा लग रहा है कि इस बार यह सबसे ज्यादा बच्चों को ही पसंद आने वाली है। वैसे इस फिल्म को लेकर लोगों की दिलचस्पी कहानी से कहीं ज्यादा इसके लिए वॉइस ओवर करने वाले कलाकारों में है, और हो भी क्यों न… ये कलाकार हैं ही इतने दमदार! सलमान खान, जावेद अख्तर, चंकी पाण्डेय, सौरभ शुक्ला, रवीना टंडन, कुणाल खेमु और विनय पाठक जैसे जानेमाने एक्टर्स की आवाजें जब क्यूट किरदारों के मुंह से सुनाई देती है, तो मजा आना लाजिमी है।
यह फिल्म बड़े हनुमान से ज्यादा बाल हनुमान की कहानी है। कहानी उसके दब्बू से बहादुर बनने की। मारुति (अरनव नथानी) के पिता सेनापति केसरी (सौरभ शुक्ला) को चिंता है कि उसका बेटा दब्बू और घर-घुस्सू है जिसे छोटे-छोटे कीड़ों से भी डर लगता है। मारुति की मां (रवीना टंडन) उसे बताती हैं कि जब वह बहुत छोटा था तो एक बार वह सूरज को निगल गया था और इंद्रदेव से पंगा ले लिया था। तब इंद्र ने उस पर वज्र से प्रहार कर दिया था और बहुत मुश्किल से उसकी जान बची थी। तबसे मारुति डरपोक तो हो ही गया है, अपनी शक्ति को भी भूल गया है। उधर दूर कहीं एक ऋषि विश्रव (मकरंद देशपांडे) अमृत पाने के लिए तपस्या कर ब्रह्माजी को प्रसन्न करते हैं और उनसे वर में अमृत मांगते हैं तो उन्हें जवाब मिलता है कि वह धरती के सबसे बलशाली व्यक्ति को ही दिया जा सकता है। विश्रव यह जानते हैं कि धरती पर सबसे बलशाली व्यक्ति मारुति यानी हनुमान हैं। ऐसे में वह लंका के राजा सुमालि के साथ मिलकर हनुमान के जरिये अमृत हासिल करने का षडय़ंत्र रचता है। इस षडय़ंत्र और हनुमान के अपनी शक्ति को पहचानने की कहानी है ‘हनुमान द दमदार’।
फिल्म में हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी और दक्षिण भारतीय लहजे वाली हिंदी का इस्तेमाल किया गया है, लिहाजा फिल्म में भाषा के स्तर पर काफी विविधता है। वॉइस ओवर आर्टिस्ट्स का चयन काफी होशियारी के साथ किया गया है। मारुति के पिता केसरी की आवाज बने सौरभ शुक्ला जब मारुति के रोने की आवाज आने पर फिल्म ‘जॉली एलएलबी’ के जज त्रिपाठी वाले लहजे में उससे,’चुप हो जा बेटा, तेरा पप्पा आ गया’ कहते हैं या जब पोपट शर्मा नाम का तोता विनय पाठक की आवाज में जंगल के चैनल ‘जंगल राज तक’ पर खबरें सुनाता है, तो खुद-ब-खुद हंसी आ जाती है। लंका के एक टूरिस्ट गाइड पर चंकी पाण्डेय की आवाज भी काफी जंची है। 2 डी एनिमेशन तकनीक से बनी यह फिल्म तकनीकी स्तर पर भी प्रभावित करती है, हालांकि यह स्तर और भी बेहतर हो सकता था। कहानी के स्तर पर अगर और मेहनत की जाती, तो यह फिल्म बच्चों के साथ ही बड़ों के लिए भी दिलचस्प हो सकती थी। पर अपने वर्तमान स्वरूप में इसके सिर्फ बच्चों को ही पसंद आने की
उम्मीद है। फिल्म के कुछ गाने अच्छे लगते हैं तो कुछ फिल्म की गति में बाधक हैं। सलमान खान का वॉइस ओवर बहुत कम समय के लिए सुनाई देता है, पर यह प्रभावित करने वाला है।
स्टार-2.5